
नाराज पित्रन का प्रसन्न करै अउर उनका कृपा प्राप्त करै कै नाते पितृपक्ष कै समय बहुत शुभ माना जाटा अहै। धार्मिक मान्यता कै अनुसार, पीपल कै पेड़ मां त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु अउर महेश) कै वास होटा अहै। साथ ही पितृपक्ष के दौरान इ पेड़ कै विधिपूर्वक पूजा-पाठ करै से पित्रन कै कृपा बरसत अहै, काहेकि पितर ओहू पेड़ पर वास करथन। एहिकै नाते पितृपक्ष मां पीपल कै पूजा करै से पित्रन का सीघे तृप्ति मिलत अहै। अगर आपहूं पित्रन का प्रसन्न करै चाहत अहैं, तौ पीपल कै पेड़ से जुड़ा कुछ खास उपाय इ लेख मां बताए गए अहैं। इ सब करै से पितृ दोष कै समस्या दूर होत अहै अउर जीवन मां सुख-शांति आवत अहै। आवा जानी जाई इ चमत्कारी उपायन कै बारे मां।
कइसे करैं पित्रन का प्रसन्न
काले तिल वाला जल: पित्रन कै आत्मा कै शांति कै खातिर पितृपक्ष मां सबेरेन्हा न्हाइके बाद पीतल या तांबे कै लोटा मां शुद्ध जल लीं। इमा काले तिल अउर फूल मिलाईं। एकर बाद इका पीपल कै पेड़ कै जर मां चढ़ाईं। जल चढ़ावत समय सच्चे मन से ‘ॐ सर्व पितृ देवाय नम:’ मंत्र कै जप करीं। धार्मिक मान्यता कै अनुसार, इ उपाय करै से नाराज पितर प्रसन्न होत अहैं अउर पितृ दोष कै समस्या दूर होत अहै।
सांझ का चौमुखी दीया: हिंदू धर्म मां रोज सबेरे अउर सांझ का पीपल कै पास दीया जरै कै बहुत महत्व बा। पितृपक्ष मां रोज सांझ का पीपल कै पेड़ कै नीचे सरसों कै तेल कै चौमुखी दीया जलाईं। धार्मिक मान्यता कै अनुसार, इ उपाय का सच्चे मन से करै से पितर प्रसन्न होइके सुख-समृद्धि कै आशीर्वाद देत अहैं अउर परिवार कै लोगन कै जीवन मां हमेशा सुख-शांति बनारहत अहै।
मीठा जल अउर लौंग: अगर आप पितृ दोष कै समस्या से परेशान अहैं, तौ पितृपक्ष मां एक लोटा मां जल लइके ओमां थोड़ा कच्चा दूध मिलाइ लीं। साथ ही ओमां कुछ बतासा अउर लौंग भी डालि लीं। एकर बाद इ जल का पीपल कै पेड़ कै जर मां चढ़ाईं अउर पेड़ कै 5 या 7 बार परिक्रमा करीं। मान्यता कै अनुसार, इ उपाय करै से पुरखन कै कृपा बरसत अहै अउर जीवन मां अच्छा फल मिलत अहै।
हनुमान चालीसा कै पाठ: एककरे अलावा पीपल कै पेड़ कै पास मंगलवार अउर शनिवार कै दिन हनुमान चालीसा कै पाठ करै से जीवन मां आवै वाले सब संकट दूर होत अहैं अउर हनुमान जी कै विशेष कृपा प्राप्त होत अहै।




