धर्म/अध्यात्म

दशहरे पर ‘नीलकंठ’ पक्षी कै दिखना काहे मान जात अहै शुभ?

इ साल शारदीय नवरात्र 11 अक्तूबर 2026, रविवार से सुरु होइ चुका अहै। मां दुर्गा कै नौ स्वरूपन कय विशेष पूजा का समर्पित इ 9 दिना कै परब कै समापन 20 अक्टूबर 2026 का विजयादशमी कै मौका पर होई। पंचांग कै हिसाब से हर बरिस अश्विन माह कै शुक्ल पक्ष कै दशमी तिथि का दशहरा कै परब मनावा जात अहै। इ दिन बुराई पर अच्छाई कै जीत कै प्रतीक माना जात अहै। इहे दिन भगवान राम लंका कै राजा रावण कय वध करिन।

दशहरा पर नीलकंठ पक्षी देखे कै महत्व

दशहरा का लइके हिंदू मान्यता अहै कि इ दिन एक खास पक्षी कै दरसन होना बहुत शुभ माना गवा अहै। इ पक्षी कै नाम ‘नीलकंठ’ अहै। धार्मिक मान्यता अहै कि इ पक्षी भगवान शिव से जुड़ा माना जात अहै। हिंदू धरम मां नीलकंठ पक्षी कै दरसन करना बहुत शुभ माना गया अहै।

दशहरे पर नीलकंठ पक्षी देखना काहे माना जात अहै शुभ?

ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा कै अनुसार, दशहरे कै दिन नीलकंठ पक्षी कै दरसन करना भाग्यशाली अउर विजय कै प्रतीक माना जात अहै। इकरे पीछे मुख्य धार्मिक मान्यता इ प्रकार अहैं –

श्रीराम अउर रावण विजय कै कथा

पौराणिक कथानक कै अनुसार, रावण पर विजय पाने खर्तिन भगवान श्रीराम नीलकंठ पक्षी कै दरसन करिन रहा। इकरे पाछे ही उनका रावण पर विजय प्राप्त भवा रहा।

भगवान शिव कै स्वरूप

नीलकंठ पक्षी का भगवान शिव कै प्रतिनिधि या स्वरूप माना जात अहै। समुद्र मंथन कै समय जब शिवजी विषपान करिन रहा, तब उनका कंठ नीला होइ गवा रहा अउर वे ‘नीलकंठ’ कहाए रहा।

पाप मुक्ति अउर सफलता

माना जात अहै कि दशहरे कै दिन इ पक्षी कै दरसन करने से बरिसभर कै पाप नष्ट होत अहैं अउर कार्यक्षेत्र मां सफलता व प्रगति मिलत अहै।

प्रचलित पौराणिक कथा का कहत अहै?

पौराणिक कथा कै मुताबिक, दशहरे कै मौका पर अगर नीलकंठ पक्षी कै दरसन होइ जाइ तौ समझी लओ कि तोहार सब पाप मिट जात अहैं। दशहरे कै दिन इ पक्षी का देखना कवनो वरदान से कम नाइ अहै। इ पक्षी कै दरसन से जीवन मां सब तरह कै कष्ट दूर होइ जात अहैं।

हिंदू धरम ग्रंथन कै मुताबिक, जब भगवान राम रावण कय अंत करिन, तौ उनपर ब्राह्मण हत्या कै पाप लाग रहा। इहे दौरान भगवान शिव नीलकंठ पक्षी कै रूप धइ लिहिन रहा। कहा जात अहै कि जब भगवान राम नीलकंठ पक्षी का देखिन तौ उनके सब पाप खतम होइ गए रहा। तभी से लइके आज तक इ माना जात अहै कि दशहरा कै दिन नीलकंठ पक्षी का देखना बहुत शुभ माना जात अहै। हालाँकि अगर इ पक्षी तुमका नाइ दिखे तौ आप तस्वीर देखिके भी आशीर्वाद प्राप्त कइ सकत अहैं।

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