कांग्रेस के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल बिहिबार के कहिन कि INDIA गठबंधन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलै कै समय मांगै अहै अउर उ लोग राष्ट्रपति भवन के जवाब के इंतजार कर रहे अहैं। उ कहिन कि पहिला दरख्वास्त पत्र 2 अक्टूबर के भेजा गवा रहा। इकै बाद, राष्ट्रपति भवन कार्यालय ओने नेतावन के नाम मांगिस जे बैठक मां शामिल होईहैं। वेणुगोपाल कहिन कि इकै बाद, हमार लोग 5 अक्टूबर के नामन के साथे फेर से दरख्वास्त भेजा अउर 7, 8 या 9 अक्टूबर के मिलै कै समय मांगिन। उ कहिन कि अब तक हमार लोगन के कानों जवाब नाइ मिला अहै। हमार लोग फरीक (शुक्रवार) तक इंतजार करिहैं।
पिछला हफ्ता, INDIA गठबंधन ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (मतदाता सूची मां विशेष गहन संशोधन) के मुद्दा पर रैली करै अउर लोकतंत्र बचाओ मार्च निकालै समेत एक संयुक्त कार्य योजना के अंतिम रूप दिहिन रहा। विपक्षी गठबंधन अपने नेतावन के साढ़े तीन घंटा चली बैठक के बाद इ बात कहिस। इ बैठक मां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी अउर राहुल गांधी, TMC प्रमुख ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, RJD के तेजस्वी यादव अउर NCP(SP) सांसद सुप्रिया सुले शामिल रहेन।
पत्रकारन के जानकारी देत भवे खड़गे कहिन कि INDIA गठबंधन राष्ट्रपति से मिलै कै समय मांगै अउर “वोट चोरी करै वाली सरकार” के खिलाफ अपने बात रखै कै फैसला करै अहै। विपक्ष के नेतावन के राष्ट्रपति से मिलै कै फैसला ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के एक रिपोर्ट के बाद आवा। इ रिपोर्ट मां कहा गवा रहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू अउर विवेक जोशी पिछला 10 महिना मां कम से कम 14 बार अधिकारिक तौर पर आपत्ति जटाइन रहा। इ आपत्ति ज्यादातर वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) से जुड़ल फैसला अउर आदेशन के लेकर रहा।
SIR प्रक्रिया के लेकर अपने दुइ आयुक्तन के आपत्तियन के कारन आलोचनाओं का सामना करै वाले चुनाव आयोग कहिस कि कानों संस्था मां विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय अउर टिप्पणी होब सामान्य बात अहै। साथे ही, आयोग के सबई आदेशन के पूरी कानूनी मान्यता प्राप्त अहै अउर उ तय कानूनी प्रक्रियान के अनुसार ही जारी की जात अहैं।



