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वायरस कै ओकरे ही हथियार से मात देत हैं बैक्टीरिया! वैज्ञानिकन किहिन चौंकाने वाला खुलासा

का तनकौ लागत अहै कि वायरस कै हमला कै सामने बैक्टीरिया बिल्कुल बेबस होत हैं? अगर हाँ, तौ अइसन बिल्कुल ना अहै। असल मां, बैक्टीरिया कै पास खुद कै बचाइ कै आपन एक शानदार इम्यून सिस्टम बा। हाल ही मां भई एक रिसर्च से इ पता चला अहै कि बैक्टीरिया वायरस से लड़ै खर्तिन कवनो अउर कै नाहीं, बल्कि खुद वायरस कै ही हथियारन कै इस्तेमाल करत हैं।

कइसे काम करत अहै बैक्टीरिया कै इ सिस्टम?

शोधकर्तान एक बिल्कुल नया तरीका पता लगाय अहै, जेवه‌ی से बैक्टीरिया वायरस कै हमला कै तुरंत पहिचान घेत हैं। दरअसल, जब वायरस हमला करत अहै, तौ वायरस द्वारा बनाय गय एक एंजाइम बैक्टीरिया कै एक ‘सेंसर प्रोटीन’ कै काट देत अहै। जइसे ही इ प्रोटीन कटत अहै, बैक्टीरिया कै भीतर एक अइसन इम्यून रिएक्शन सुरू होत अहै जेवه‌ی से वह खुद कै ही नष्ट कर घेत अहै।

सुपरबग्स कै खिलाफ मिलैगा नया हथियार

प्रसिद्ध विज्ञान पत्रिका “साइंसडेली” कै अनुसार, वैज्ञानिकन कै इ नया खोज चिकित्सा जगत मां एक बड़ी कामयाबी साबित होइ सकत अहै। आज कै समय मां वैज्ञानिक बैक्टीरियल इन्फेक्शन कै इलाज खर्तिन तेजी से बैक्टीरियोफेज कै तरफ रुख करत बाटेन। इ नया रिसर्च उ जिद्दी एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया कै खिलाफ अउर ज्यादा असरदार ‘फेज थेरेपी’ विकसित करै मां बड़का मदद कर सकत अहै, जेवه‌ی पर अब दवावन कै भी असर नाहीं होत अहै।

इंसानी सरीर खर्तिन पूरी तरह सुरक्षित

इ इलाज कै सबसे नीक बात इ अहै कि इ बैक्टीरियोफेज सिर्फ अउर सिर्फ बैक्टीरिया कै ही आपन निशाना बनावत हैं। एकर मतलब इ अहै कि इ इंसानी कोषिकान कै बिना कवनो नुकसान पहुंचाये खतरनाक सूक्ष्मजीवन् कै खात्मा कर सकत हैं।

प्राचीन प्रतिरक्षा तंत्र कै भी खुलैगा राज

इ रिसर्च कै फायदा सिर्फ नया इलाज खोजै ताई सीमित नाहीं अहै। मान जा रहा अहै कि इ अहम खोज से हमारन कै उ प्राचीन प्रतिरक्षा तंत्रन कै बारे मां भी बहुत सी नया अउर महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकत हैं, जउन आज हम इंसानन कै भीतर भी पावा जात हैं।

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