
उत्तराखंड उच्च न्यायालय राज्य सरकार का तीन महीना कै भीतर परदेश कै सब्भै पार्क, खेल कै मैदान अउर खुली जगहन्नि कै सूची तैयार करै अउर उनका अधिसूचित करै कै निर्देश दीहिन अहै। एक जनहित याचिका पय सुनवाई करत भवा कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज तिवारी अउर न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय कै खंडपीठ राज्य भर मा खेल कै मैदानन्नि, पार्क अउर खुली जगहन्नि का अतिक्रमण अउर व्यावसायिक इस्तेमाल बचाइ कै बरे इ अहम् अउर कड़ा निर्देश जारी करिन।
राष्ट्रीय स्तर कै क्रिकेटर शादाब-उल-हक द्वारा दायर याचिका पय पीठ शहरी विकास विभाग कै सचिव का निर्देश दीहिन कि ऊ तीन महीना कै भीतर उत्तराखंड कै सब्भै पार्क, खेल कै मैदान अउर खुली जगहन्नि कै सूची तैयार करै अउर ओकरे अनुसार उनका अधिसूचित करै।
उच्च न्यायालय अधिकारियन का इहो निर्देश दीहिन कि ऊ अइसा जगहन्नि कै सुरक्षा से संबंधित 1975 कै कानून कै पालन सुनिश्चित करैं अउर हुअवा काहू भी प्रतिबंधित या व्यावसायिक गतिविधि पय पूरी तरह रोक लगावैं।
याचिका मा रामनगर कै एमपी इंटर कॉलेज कै खेल मैदान कै खास तौर पय जिक्र कीन्हा गवा रहा। इहि बारे मा अदालत साफ करिन कि जब तक राज्य भर मा खेल कै मैदानन्नि अउर खुली जगहन्नि कै अंतिम सूची तैयार अउर अधिसूचित नाई होइ जात, तब तक एमपी इंटर कॉलेज कै मैदान कै इस्तेमाल सिर्फ खेल-कूद कै गतिविधियन कै बरे ही कीन्हा जाइ।




