विदेश

H-1B वीजा से काम देवै पर Microsoft पर भड़क गए जेडी वेंस

अमरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) पर बहुत भड़क गए हैं। वेंस ने आरोप लगाया है कि कंपनी गैर-अमरिकी कर्मचारियों को रख रही है। अमेरिका ने माइक्रोसॉफ्ट के परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम (PERM) कै भी रद कर दीन्हा बा। जेडी वेंस माइक्रोसॉफ्ट के खातिर PERM प्रोग्राम कै सस्पेंड करै पर साफ-साफ कहिन कि कंपनी का विदेशी बंधुआ मजदूरन के बजाय बढ़िया अमरिकी कर्मचारीयन का काम पर रखै की जरूरत अहै।

माइक्रोसॉफ्ट कै PERM प्रोग्राम कै गलत इस्तेमाल

वीजा धोखाधड़ी से निपटै पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का संबोधित करत वेंस कहिन, ‘H-1B वीजा कै जरिया लोग देश मां आवत हयैं। PERM प्रोग्राम कै जरियाऊ शुरुआत मां अमेरिका मां रहत हयैं। बदकिस्मती से अमेरिका मां अइसन कोनो कंपनी नाइ बा, जेय्यन इ सिस्टम कै माइक्रोसॉफ्ट से ज्यादा गलत इस्तेमाल कीन्हा होय।’

वेंस आंकड़ा बतावत कहिन, ‘पिछला साल माइक्रोसॉफ्ट ६,००० अमरिकी कर्मचारीयन का नौकरी से निकार दिन्हा। ओकरे साथे-साथ कंपनी का ६,३०० H-1B वीजा अउर लगभग ३,००० ग्रीन कार्ड कै फायदा मिल गवा।’

जेडी वेंस आगे कहिन, ‘दूसरा सब्दुन मां अगर आप हिसाब लगावा, तौ माइक्रोसॉफ्ट जौन भी कर्मचारी का नौकरी से निकारिस, ओकर जगह डेढ़ विदेशी बंधुआ मजदूर का राखिस।’

वेंस माइक्रोसॉफ्ट पर आरोप लगावत कहिन, ‘हम चाहित हयी कि लोग अमेरिका मां, खास तौर से अमरिकी टेक्नोलॉजी सेक्टर मां निवेश करैं। हम आपके इंडस्ट्री का सबसे ज्यादा बढ़ावा देवै वाला हयी। हम चाहित हयी कि आप आगे बढ़ा अउर बहुत से लोगन का नौकरी दिया, लकिन हम इउ चाहित हयी कि आप अमरिकी कर्मचारीयन का ही नौकरी दिया।’

वेंस माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का नसीहत देत कहिन, ‘माइक्रोसॉफ्ट कै खातिर हमार संदेश बा कि आप एक बहुत बढ़िया अमरिकी कंपनी हयी, लकिन आपको बढ़िया अमरिकी कर्मचारीयन का ही काम पर रखै का पड़ी। आप अमरिकी कर्मचारीयन का नौकरी से निकार कै ओकर जगह विदेशी बंधुआ मजदूरन का नाइ रख सकत हयी।’

बंधुआ मजदूरन की तरेह बुलावित हयैं कंपनियां

वेंस H-1B वीजा वाला कर्मचारीयन का लेके कहिन, ‘अगर आप US मां H-1B वीजा होल्डर कै रूप मां काम करत हयी, तौ आप ओही पद पर काम करै वाला अमरिकी नागरिक के तुलना मां २०,००० डॉलर कम कमाइ करत हयी।’

वेंस आगे बताइन, ‘अगर आपको इमा से कोनो विदेशी आउटसोर्सिंग फर्म बुलाईन्हा बा, तौ आप अइसने पद पर काम करै वाला अमरिकी नागरिक कै तुलना मां ४८,००० डॉलर कम कमाइ करत हयी।’

वेंस आगे कहिन, ‘कंपनियां बंधुआ मजदूरन की तरेह लोगन का बुलावित हयैं, अमरिकी कर्मचारीयन का नौकरी से निकारित हयैं अउर अमरिकी कर्मचारीयन कै मजदूरी कम करकै अउर ओकर जगह दूसराकन का रखकै बहुत सारा पइसा कमाइ करत हयैं।’

माइक्रोसॉफ्ट का कहिस?

बीरवार का एक बयान मां माइक्रोसॉफ्ट कहिस कि पिछला फाइनेंशियल ईयर मां ओकर जौन ६,००० H1-B वीजा एप्लीकेशन जमा कीन्हा गवा रहा, ओकरो मां ८० परसेंट मौजूदा कर्मचारीयन कै स्टेटस बढ़ावै या बदलवै के खातिर रहा, न कि नवा लोगन का नौकरी पर रखै के खातिर।

माइक्रोसॉफ्ट जेडी वेंस के आरोपिन का खारिज करत कहिन, ‘हम टेक सेक्टर मां अपने कर्मचारीयन का सबसे ज्यादा पगार देवै वाली कंपनीन मां से एक हयी अउर हमार पगार सबहि H-1B फाइलिंग मां सबसे ज्यादा बा। हम अपने H-1B कर्मचारीयन काउतने पगार देत हयी जेतना ओही तरेह के काम करै वाला दूसरा कर्मचारीयन का मिलत बा।’

३ अमरिकी अउर ५ भारतीय कंपनीन कै PERM प्रोग्राम सस्पेंड

अमरिकी सरकार बीरवार का परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से आठ कंपनीन का सस्पेंड करि दिन्हा, जवने मां तीन अमरिकी कंपनी कैपजेमिनी (Capgemini), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) अउर एडोब (Adobe) शामिल बाड़ी। इ लिस्ट मां पांच भारतीय IT कंपनियां कॉग्निजेंट (Cognizant), इंफोसिस (Infosys), टाटा (Tata), विप्रो (Wipro) अउर HCL शामिल बाड़ी।

इकर सीधा असर अमेरिका मां पक्का निवास चाहै वाला H-1B वीजा कर्मचारीयन पर पड़ सकत बा। PERM प्रोग्राम कंपनीन का H-1B वीजा वाला कर्मचारीयन के खातिर ग्रीन कार्ड या पक्का निवास (परमानेंट रेजिडेंसी) के खातिर अरजी देवै कै सुविधा देत बा।

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