
ओडिशा मां पिछिला कुछ दिनन से होत भारी बरखा कै नाते राज्य कै सबइ नदिया उफान पर अहैं अउर हीराकुड बांध से महानदी मां अउर पानी छोड़े खातिर 16 गेट खोल दीहिन गवा अहैं। राज्य सरकार सनिवार का निचला इलाकन मां रहनिहार लोगन का सुरक्षित ठौर पहोंचावै लाग।
अधिकारियों इ बात बताई। बालासोर, भद्रक, जाजपुर, कालाहांडी, कोरापुट, नबरंगपुर, मलकानगिरी, क्योंझर अउर जगतसिंहपुर जिलातन मां अचानक बाढ़ आवै कै खबर बा। अकेल्ले बालासोर जिला मां नदियाक उफान पर होएसि बड़े इलाकन मां पानी भर गवा अउर 91 गांवन कै 14,660 लोग प्रभावित भवा।
एक अधिकारी बताई कि इ इलाकन से 3,268 लोगन का सुरक्षित ठौर पहोंचावा गवा। जल संसाधन विभाग कै अधिकारियन कै मोताबिक, जलाशय से अउर पानी निकालै खातिर सनिवार का हीराकुड बांध कै 11 अउर गेट खोल दीहिन गवा। अधिकारियन बताई कि अब बांध कै कुल 16 गेट खोल दीहिन गवा अहैं।
एक सीनियर अधिकारी कहिस, ‘छत्तीसगढ़ मां महानदी कै ऊपरी जलग्रहण छेत्र मां भारी बरखा कै नाते हमार का अउर गेट खोलइ पड़ा। फिलहाल जलस्तर 629.56 फुट अहै, जबकि जलाशय कै फुल जलस्तर 630 फुट अहै।’ उ बताई कि बाढ़ वाले मैदानन अउर निचला छेत्रन मां रहनिहार लोगन का सतक रहै का कहा गवा अहै।
बस्ता स्थित मथानी मां जलका नदी खतरा कै निसान 6.5 मीटर के मुक़ाबले 6.78 मीटर पर बहत रही। बालासोर कै सोक के नाउ से जानि जाइवाली स्वर्णरेखा नदी कै जलस्तरउढ़त देखा गवा, जहॉ जलेश्वर कै राजघाट मां इकर जलस्तर खतरा कै निसान 10.36 मीटर के मुक़ाबले 10.35 मीटर तक पहोंच गवा।
विशेषरियन अनुमान लगाया अहै कि एतवार का नदी कै जलस्तर 11.74 मीटर तक पहोंच सकत अहै। बुधबलंगा नदीउ गोविंदपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-16 (एनएच-16) पर 8.13 मीटर कै खतरा कै निसान का पार कइ लिहिस अहै अउर फिलहाल 8.64 मीटर पर बहत अहै। अधिकारियन बताई कि बालासोर मां बहुत छोट नदियाउ उफान पर अहैं।



