कांग्रेस छोड़ TMC मा आइं सुष्मिता देव अब BJP मा? नार्थ ईस्ट क चाणक्य क साथ करिन मुलाकात
तृणमूल कांग्रेस कै मुखिया ममता बनर्जी क पार्टी क भीतर चलत बगावत क बीच एक अउर जोर का झटका लाग अहै। पार्टी नेत्री सुष्मिता देव बुधुवार क राज्यसभा सांसद क पद स इस्तीफा दइ दिहिन। उ एक चिठ्ठी क जरिया उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन क आपन इस्तीफा सौंपिन। एक अउर दिलचस्प बात इ भइ कि, इस्तीफा सौंपे क कछू मिनट बाद ही सुष्मिता देव असम क मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा स मुलाकात करिन, जेकरे बाद इ अटकल तेज होइ गइ अहै कि उ अब भाजपा मा सामिल होइ सकत अहैं।
चिठ्ठी मा लिखल रहा, ‘हम इकर जरिया राज्यसभा क सदस्यता स इस्तीफा देत अही, जवने क कृपया तुरंत प्रभाव स स्वीकार कीन जाय। राज्यसभा सदस्य क तौर पर मोरे कार्यकाल क दौरान मिलल हर तरह क मदद अउर सहयोग खातिर हम महामहिम, माननीय उप-सभापति अउर राज्यसभा सचिवालय क सब अधिकारी क तहे दिल स शुक्रिया अदा करत अही।’
इ इस्तीफा क साथ ही, एक हफ्ता क भीतर तृणमूल कांग्रेस खातिर राज्यसभा स इ दूसर रवानगी अहै। पहिला बड़ झटका तब लाग जब सुखेंदु शेखर रॉय – जउन 13 साल तक अपर हाउस मा पार्टी क चीफ व्हिप क तौर पर काम कइ रहे – पार्टी मुखिया ममता बनर्जी क कड़ा शब्द वाला चिठ्ठी भेजै क बाद संसद स इस्तीफा दइ दिहिन।
आपन इस्तीफा क चिठ्ठी मा रॉय दावा करिन कि पश्चिम बंगाल क लोग तृणमूल कांग्रेस क खिलाफ होइ गय अहैं। उ इकर खातिर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, मेहरारून क सुरक्षा सुनिश्चित करै मा पार्टी क विफलता अउर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, उद्योग, रोजगार अउर कानून-व्यवस्था जइसन अहम क्षेत्रन मा बिगड़त हालात क जिम्मेदार ठहराइन। इन दुई इस्तीफा क बाद, राज्यसभा मा टीएमसी क सदस्यन क संख्या अब 11 होइ गइ अहै।
ममता बनर्जी क लगातार झटका मिलत अहै। इ घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा मा भइ बगावत क बाद सामने आवा अहै, जहाँ खबरन क मुताबिक 58 विधायक बागी नेता रिताब्रता बनर्जी क समर्थन करिन। असम क सिलचर निर्वाचन क्षेत्र स कांग्रेस क पूर्व लोकसभा सांसद देव 2019 क आम चुनाव हारै क बाद 2021 मा तृणमूल कांग्रेस क दामन थामे रहिन। उ जल्द ही पार्टी क एक प्रमुख चेहरा बनके उभरिन; राज्यसभा खातिर मनोनीत होय स पहिले उ पार्टी क राष्ट्रीय प्रवक्ता क तौर पर काम करिन।