बांग्लादेशी घुसपैठियन कय खदेड़य खातिर पश्चिम बंगाल मां तगड़ा कार्रवाई, घुसपैठियन पर सख्ती देखिकय बौखलाया ढाका
पश्चिम बंगाल कय धरती पर ओइ जोरदार अभियान इस समय तेजी से आगे बढ़त चला जात अहै जिकर इंतजार देश लमहर समय से करत रहा। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने बांग्लादेशी घुसपैठियन कय खिलाफ जवन कठोर अभियान कय बिगुल फूंक दीन अहै, ओसे पूरा घुसपैठ तंत्र हिलि गवा अहै। सीमा पार से अवैध तरीका से भारत मां घुसके इहां कय जमीन, रोजगार, संसाधन अउर सुरक्षा पर बोझ बने वालन कय खिलाफ अब साफ संदेश देइ दीन्ह गा अहै कि भारत कउनो धर्मशाला नाहि अहै अउर पश्चिम बंगाल अब घुसपैठियन कय सुरक्षित सरनस्थली नाहि रहै वाला।
उत्तर 24 परगना जिला कय हाकिमपुर सीमा चौकी से लइके कोलकाता तक प्रशासन पूरा ताकत के साथ अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियन कय पहचान, गिरफ्तारी अउर निर्वासन अभियान चलवात अहै। पिछले कुछ हफ्तान मां हजारन लोगन कय हिरासत केंद्रन मां भेजि दीन्ह गा अहै जबकि हजारन कय वापस बांग्लादेश भेजे कय प्रक्रिया शुरू होइ चुकी अहै। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने साफ कइ दीन अहै कि राज्य कय सुरक्षा अउर जनसांख्यिकीय संतुलन से खिलवाड़ करय वालन कय कउनो भी हालत मां बख्शा नाहि जइ।
हाकिमपुर सीमा चौकी पर रोजान दुइ सौ से तीन सौ तक संदिग्ध घुसपैठियन कय पहुँचे कय खबर इ बात कय प्रमाण अहै कि बरसन से सीमा पार से अवैध घुसपैठ कय संगठित खेल चलत रहा। गरीबी, रोजगार या इलाज कय नाम पर भारत मां दाखिल होके हजारन लोग फर्जी पहचान बनाइके इहां बसि गए। कइयौ लोग निर्माण मजदूरी करिन, कइयौ ने किराये कय मकानन मां रहिके स्थानीय व्यवस्था मां घुसपैठ कइ लीन। लेकिन अब प्रशासन ने साफ कइ दीन अहै कि बिना वैध दस्तावेज भारत मां रहे कय अधिकार कउनो कय नाहि दीन्ह जाई।
मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने बहुत कठोर रुख अपनावत राज्य कय हर जिला मां हिरासत केंद्र स्थापित करय कय आदेश दीन अहै। अब तक पांच हजार से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकन कय वापस भेजि दीन्ह गा अहै जबकि सैकड़न लोग अभी भी हिरासत केंद्रन मां रखे गए अहैं। सरकार कय कहब अहै कि इ अभियान पूरा तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा अउर कानून व्यवस्था कय ध्यान मां राखिकय चलावा जात अहै।
देखा जाय तौ भारत अउर बांग्लादेश कय बीच चार हजार किलोमीटर से अधिक लमहर सीमा लमहर समय से अवैध घुसपैठ, तस्करी अउर सीमा अपराधन कय चुनौती झेलत रही अहै। पश्चिम बंगाल अउर असम जइसन सीमावर्ती राज्यन मां जनसंख्या संतुलन तेजी से बदलैकय चिंता बरसन से उठत रही अहै। भारतीय जनता पार्टी लगातार इ मुद्दा कय राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़त रही अहै अउर अब सत्ता मां आवे कय बाद पश्चिम बंगाल मां निर्णायक कार्रवाई देखाइ देत अहै।
उधर, बांग्लादेश कय ओर से इ कार्रवाई पर आपत्ति जताई जात अहै। ढाका कय कहब अहै कि कउनो भी व्यक्ति कय तय कूटनीतिक प्रक्रिया कय बिना वापस नाहि भेजा जाय। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश ने दावा कीन अहै कि ओकर ओर से कई बार भारतीय सीमा सुरक्षा बल कय कथित पुशबैक कोसिसन कय रोका गा अहै। सीमा कय कई इलाकन मां तनाव भी देखा गा अहै। लेकिन भारत कय रुख पूरा तरह साफ अहै। विदेश मंत्रालय ने दो टूक कहि दीन अहै कि भारत मां अवैध रूप से रहत विदेशी नागरिकन कय खिलाफ कानून कय अनुसार कार्रवाई होइ अउर बांग्लादेश कय आपन नागरिकन कय पहचान कइके ओन्हैं वापस लेबय पई।
हम आपकय इ भी बताइ देइ कि नई दिल्ली मां इस समय सीमा सुरक्षा बल अउर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश कय बीच उच्चस्तरीय बैठक चलत अहै। चार दिन तक चलय वाली इ समन्वय वार्ता मां सीमा प्रबंधन, घुसपैठ, पुशबैक, सीमा सुरक्षा अउर अवैध गतिविधियन पर चर्चा होइ रहल अहै। भारत ने बांग्लादेश कय हजारन संदिग्ध नागरिकन कय सूची सौंपी अहै, लेकिन ओनकर पहचान कय प्रक्रिया धीमी बनी अहै। इहौ कारण सीमा पर तनाव अउर बढ़ि गवा अहै।
दूसरी ओर, मानवाधिकार संगठनन अउर कुछ तथाकथित बुद्धिजीवियन ने इ अभियान कय विरोध शुरू कइ दीन अहै। ओनकर आरोप अहै कि कार्रवाई एक विशेष समुदाय कय खिलाफ कीन जात अहै। लेकिन बड़ा सवाल इ अहै कि का कउनो भी संप्रभु राष्ट्र कय आपन सीमा कय रक्षा करय कय अधिकार नाहि अहै? का भारत आपन सुरक्षा, रोजगार अउर संसाधनन कय अवैध घुसपैठियन कय हवाले कइ दे? बरसन से देश कय कई हिस्सन मां अवैध घुसपैठ कय कारण सामाजिक तनाव, अपराध अउर राजनीतिक असंतुलन कय शिकायतें उठत रही अहैं। अइसन मां अब कठोर कार्रवाई कय राष्ट्रीय हित मां आवश्यक माना जात अहै।
देखा जाय तौ मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी कय इ मुहिम ने साफ कइ दीन अहै कि पश्चिम बंगाल अब तुष्टीकरण कय राजनीति से ऊपर उठिके राष्ट्रीय सुरक्षा कय प्राथमिकता देई। इ सीमा कय रक्षा कय अभियान अहै। बांग्लादेशी घुसपैठियन कय खातिर अब सीधा संदेश अहै कि भारत कय धरती पर अवैध तरीका से रहे कय दौर खतम होइ चुका अहै। जवन लोग फर्जी पहचान अउर गैरकानूनी दस्तावेज कय सहारे इहां टिके अहैं, ओन्हैं कानून कय सामने जवाब देबय पई। बहरहाल, देश कय जनता अब यही उम्मीद करत अहै कि इ अभियान केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित न रहे बल्कि पूरा देश मां अवैध घुसपैठ कय खिलाफ व्यापक राष्ट्रीय अभियान चलावा जाय ताकि भारत कय सीमा सुरक्षित रहें अउर देश कय आंतरिक व्यवस्था पर कउनो बाहरी खतरा हावी न होइ सके।