अमरनाथ जात्रा सुरक्षा: गृह मंत्री अमित शाह कीन उच्चस्तरीय बैठक, आतंकी मंसूबा का नाकाम करे खातिर एक्शन प्लान तैयार
इस साल अमरनाथ जात्रा पय जाए वाले भक्तन खतिर एक बड़ी खबर सामने आई है। असल मा, जम्मू-कश्मीर मा 3 जुलाई से अमरनाथ जात्रा शुरू होय वाली है। ई बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय अमरनाथ जात्रा का सुरक्षित बनावे खातिर एकदम पक्का और फूलप्रूफ प्लान तैयार कइ लिहिस है। बतावा जात है कि जात्रा के रास्ता पय सेना और सीएपीएफ (CAPF) के 50 हजार से ज्यादा जवान तैनात कीन जइहें। एकरे अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस अउर केंद्रीय खुफिया विभाग का भी जिम्मेदारी दी गई है।
खुफिया एजेंसी के मुताबिक, राज्य मा लगभग 50 विदेशी आतंकवादी अउर बहुत से ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) सक्रिय हैं। सुरक्षा रिपोर्टन मा ई आशंका जताई गई है कि अमरनाथ जात्रा के दौरान हैंड ग्रेनेड, ड्रोन, फिदायीन हमला या आईईडी (IED) विस्फोट जइसन आतंकी घटना कय खतरा बना रहि सकत है। हालाँकि, इन संभावित चुनौतीन से निपटे खातिर सुरक्षा बल अउर एजेंसी बहुत व्यापक रणनीति अउर जरूरी सुरक्षा इंतजाम पहिले से तैयार कइ लिहिन है।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह 8 जून का बैठक करिहें
खास तौर पय केंद्रीय मंत्री अमित शाह अमरनाथ जात्रा के सुरक्षा अउर दूसरी तैयारी खातिर 8 जून का उच्चस्तरीय बैठक के अध्यक्षता करिहें। ई बैठक मा जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्य सचिव, डीजीपी, सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ अउर खुफिया एजेंसी के अधिकारी शामिल होइहें।
का सुरक्षा व्यवस्था कीन जइ है
- मल्टी एजेंसी सेंटर मा सुरक्षा बल के बीच तुरंत तालमेल बनावा जइ है।
- सीमा पय आवय वाले ड्रोन पय कड़ी नजर रखी जइ है।
- हैंड ग्रेनेड अउर आईईडी हमला का रोके खातिर खास दस्ता तैनात कीन जइ है।
- गाड़ियन पय चिपकू बम का पता लगावे खातिर फोर्स तैनात कीन जइ है।
- वहीँ, ओवर ग्राउंड वर्कर खातिर मानवीय अउर तकनीकी इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कीन जइ है।
- सामान रखे वाले जगहन पय ड्रोन से नजर अउर स्कैनर के मदद लीन जइ है।
- जात्रा मार्ग पय सुरक्षा बल के खोजी कुकुर (डॉग स्क्वाड) तैनात होइहें।
- यात्री शिविरन के चारों तरफ त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनावा जइ है।
- ड्रोन का मार गिरावे खातिर केंद्रीय बल के शूटर तैनात कीन जइहें।