जीवनशैली

हर्ट अटैक हरदम अचानकै नाहीं आवत, शरीर पहिलेन से देई लागत है ई इसारा

टीवी सीरियल मा हर्ट अटैक बड़ा ड्रमैटिक तरीके से देखावा जात है, कउनो मनई के सीना मा अचानकै पीर उठत है, ऊ दिल पर हाथ धरत है अउर गिर परत है। हमरे दिमाग मा दिल के दौरा का लेके जउन ई छवि बनी है ऊ गलत है, काहे से अटैक हरदम चुपके से आवत है। ई थकान, बदहजमी अउर हल्का-फुल्का पीर बनके आवत है, जेका हम सब आम बात समझ के नजरअंदाज कइ देती हन।

हर्ट अटैक के समइ असल मा का होत है?
हर्ट अटैक तबै आवत है जब दिल तक ब्लड फ्लो अचानकै रुकि जात है, अइसा कोरोनरी अर्टरी मा फैट यानी थक्का जमै के कारन होत है। फिर ऑक्सीजन ना मिलै के कारन हर्ट टिशू कुछै मिनट मा डैमेज होय लागत हंय, यही कारन डॉक्टर हरदम एक कहावत पर जोर देवत हंय कि ‘टाइम ही मसल है’, मतलब इलाज मा देरी भई तौ समझो ओतने जादा नोकसान होई।

किताबन अउर टीवी सीरियल से हटके सीना के पीर
ज्यादातर लोग सीना मा जउन बेचैनी महसूस करत हंय, ऊ असल तौ होत है पर ई बहुतै कम तेज या चुभै वाली पीर लागत है। एकरे बजाय, मरीज दबाव, जकड़न अउर भारीपन के सिकायत करत हंय, जेका अक्सर एसिडिटी समझ लीन जात है। ई पीर सीना के बीच मा या बाएं तरफ उठत है, जउन कुछ मिनट बदे कम जरूर होइ सकत है पर फिर से होय लागत है। अइसे मा लोग एका सामान्य गैस-एसिडिटी के लक्षण समझ के नजरअंदाज कइ देती हंय।

हर्ट मा सिर्फ बाएं हाथै मा नाहीं होत पीर
हर्ट अटैक के अइसा कइयौ लक्षण हंय जउन लोगन का चकमा देइ सकत हंय, ध्यान देय वाली बात ई है कि इनकर संबंध सीना के पीर से बिल्कुलै नाहीं है। इन मा एक या दुनहु हाथन मा पीर, कंधा, कमर, गर्दन अउर जबड़ा मा पीर या फिर पेट के ऊपरी हिस्सा मा बेचैनी महसूस होब शामिल है। ई भ्रम दिमाग से निकालि देव कि दिल के दौरा मा खाली बाएं हाथै मा पीर उठत है।

ई इसारन का भी ना करा नजरअंदाज
कइयौ अउर इसारा हंय जेका अक्सर लोग अनदेखा कइ देती हंय, जैसे- सीना मा पीर या ओकरे बिना ही सांस लेय मा तकलीफ, अचानक पसीना आयब, उल्टी या जी मिचलायब, चक्कर आयब, धड़कन का बेतरतीब चलब अउर बिना कउनो कारन के थकान लागब। मर्दन के तुलना मा मेहरारुन मा ई लक्षण जादा देखाई देत हंय, यही वजह है कि मेहरारुन मा दिल के दौरा के पहचान देर से होत है।

अपने मन से पता करै के कोसिस ना करा
अब जब आप इन लक्षणन का जानि गये हंय, तौ आपक लागत होई कि हर्ट अटैक का आप शुरूआती लेवल पर पहिचानि सकत हंय। जबकि अइसा बिल्कुल नाहीं है कि सीना मा पीर के मतलब हर्ट अटैकै होय। कइयौ बार एंग्जाइटी, मांसपेसियन मा तनाव, एसिडिटी, फेफड़ा के समस्या भी एकर वजह होइ सकत है। एकरे बदे जरूरी है कि अपने आपे बैद ना बना अउर डॉक्टर से संपर्क करा। डॉक्टर ईसीजी अउर ब्लड टेस्ट के मदद से एकर पहचान आसानी से कइ सकत हंय। लक्षण देखै के बाद अपने आप से सवाल ना पूछा, एका एमर्जेंसी मान के तुरंत कदम उठावा।

अइसी स्थिति मा का करा?
अगर आप या आपके आसपास कउनो मनई का ई लक्षण देखाई देत हंय, तौ सबसे पहिले एमर्जेंसी सर्विस का फोन करा। अपने से गाड़ी चलाइ के अस्पताल जाय से बचा, काहे से अगर मरीज के हालत जादा बिगड़ी तौ एम्बुलेंस रस्ता मा स्थिति का सम्हारि सकत है पर आप नाहीं। अइसी हालत मा एस्पिरिन के नाम लीन जात है, पर एका खाली एक मदद के तौर पर लीन जाय के चाही; इलाज के रूप मा नाहीं। अगर कउनो का अचानकै सीना मा पीर उठत है अउर ओका एस्पिरिन से कउनो एलर्जी नाहीं है, तौ ऊ एमर्जेंसी मा एका खाय सकत है। बस ई ध्यान रहे कि सबसे पहिले एमर्जेंसी मा फोन करै का है, अउर ओकरे बादै एस्पिरिन के मदद लेय का है।

हर्ट अटैक अउर कार्डियक अरेस्ट एकै नाहिंय
आपक सायत ना पता होय पर हर्ट अटैक अउर कार्डियक अरेस्ट एकै बात नाहीं आय। हर्ट अटैक सर्कुलेशन से जुड़ी परेशानी है, जेमा अर्टरी ब्लॉक होइ जात है। वहीं, कार्डियक अरेस्ट एक इलेक्ट्रिक खराबी है, जेसे हर्ट पूरी तरह से धड़कब बंद कइ देत है अउर मनई बेहोस होइ जात है या ओका सांस लेय मा दिक्कत होत है। समझने वाली बात ई है कि एक स्थिति दूसरे के कारन बनि सकत है, पर दुनहु हालत मा उपाय अलग-अलग होत हंय। कार्डियक अरेस्ट मा सीपीआर के जरूरत होत है।

हर्ट अटैक के खतरा कम करै बदे का करा?
दिल के बीमारी से जुड़ा खतरा कम कीन जाइ सकत है। इन मा तंबाकू से परहेज करब, फिजिकली एक्टिव रहब, डाइट मा साग-भाजी, अनाज अउर दाल जादा से जादा लेब शामिल है। वहीं, अगर कउनो मनई का जादा नमक वाला पैकेट फूड खाय के आदत होय, तौ ओसे कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर अउर बीपी तीनों बढ़ै के जोखिम बना रहत है।

Related Articles

Back to top button