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सुप्रीम कोर्ट मा वकीलों पढ़िन संबिधान कै प्रस्तावना, EC बिरोध पर पुलिस एक्शन के खिलाफ जताया रोष

वकीलों सुप्रीम कोर्ट परिसर मां बिरोध प्रदर्शन करिन। यह प्रदर्शन चुनाव आयोग (EC) के खिलाफ चल रहे बिरोध-प्रदर्शन कै दौरान पुलिस द्वारा उनके साथियों के साथ कथित मारपीट अउर उनके हिरासत मा लिए जाने के खिलाफ रहा। व अपने साथियों अउर नागरिकों के साथ एकजुटता दिखाए के लिए संबिधान कै प्रस्तावना पढ़िन। वकीलों कहिन कि यह बिरोध-प्रदर्शन कै मकसद संबिधानक मूल्यों कै प्रति अपनी प्रतिबद्धता के दोहराव अउर उन वकीलों के हिरासत मा लिए जाने के बिरोध करना रहा जो शांतिपूर्ण बिरोध कै अपना अधिकार इस्तेमाल कर रहे रहे।

एक वकील बतावा कि यह बिरोध-प्रदर्शन उन साथियों अउर नागरिकों के साथ एकजुटता दिखाए के लिए आयोजित कीन गवा रहा, जिनके खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शनों मा हिस्सा लेय कै दौरान कथित तौर पर पुलिस कार्रवाई कीन गवा रहा।

एक वकील कहिन कि हम सब आज यहाँ अपने उन साथियों अउर देश के नागरिकों के साथ एकजुटता दिखाए के लिए जमा भये हन, जिनके साथ शांतिपूर्ण बिरोध प्रदर्शन करे पर बेरहमी से बर्ताव कीन गवा। हम यहाँ संबिधानक मूल्यों मा अपना भरोसा फिर से जताय अउर खुद कै संबिधान के प्रति फिर से समर्पित करे के लिए आये हन।”

वकील आगे कहिन, “संबिधान के लिए लड़ना अउर संबिधान के बनाए रखना हर वकील कै काम अहै, अउर आज हम संबिधान के लिए लड़े कै फिर से संकल्प लेत हन, जो एक वकील कै मुख्य काम अहै।”

एक अउर वकील कहिन कि यह बिरोध प्रदर्शन वकीलों कै उनके चैंबर अउर सुप्रीम कोर्ट के पास हिरासत मा लिए जाने के बिरोध मा आयोजित कीन गवा रहा, अउर जोर देत भये कहिन कि शांतिपूर्ण बिरोध प्रदर्शन एक जायज संबिधानक अधिकार अहै। वकील कहिन कि हमारे साथी वकीलों कै हिरासत मा लीन गवा रहा, अउर हमार मानब अहै कि यह उनका जायज संबिधानक अधिकार अहै।

उन्हें सरकार, कवनो ब्यक्ति या कवनो संस्था के खिलाफ उन मुद्दों पर आवाज उठाय कै पूरा अधिकार अहै जिन्हें वे सही मानत हन। संबिधानक संस्थाओं की आजादी अउर अखंडता की रक्षा करे की जरूरत पर जोर देत भये वकील कहिन कि राजनीतिक बिचारधारा मा अंतर के कारण संबिधान के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता कमजोर नाहीं होय चाही।

वकील कहिन, “हम चाहे कवनो पार्टी का समर्थन करत होइ, कवनो पक्ष से होइ या हमारी बिचारधारा कवनो होय, जो चीज हम सभी का एक साथ जोड़ती अहै, बह अहै हमार संबिधान अउर हमारी संस्थाएं।”

वकीलों इकट्ठा होय की इजाजत देय अउर यह मामले मा दखल देय के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश का भी आभार जताहिन। व कहिन कि हिरासत मा लिए गए वकीलों के साथ एकजुटता दिखाए के लिए व संबिधान कै प्रस्तावना पढ़िन अउर मौन बिरोध प्रदर्शन करिन।

वकील आगे साफ करिन कि यह सभा कवनो राजनीतिक पार्टी से जुड़ी हुई नाहीं रहा अउर यह बिरोध प्रदर्शन कै मकसद संबिधानक अधिकारों अउर संस्थागत अखंडता की रक्षा करना रहा।

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