श्रीनगर, छह अक्टूबर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) कै अध्यक्ख महबूबा मुफ्ती मंगर कै कहिन कि न्यायपालिका मामला कै कार्रवाई के दौरान “बड़की-बड़की टिप्पणियां” करैथ, पै अक्सर अइसे फैसला सुनावत अहैं, जौन ओन्है टिप्पणियों कै विपरीत होत अहै। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की इस टिप्पणी पर कि उच्चतम न्यायालय ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए निर्वाचन आयोग के संशोधित फॉर्म छह को मंजूरी नहीं दी है, महबूबा कहिन कि पिछिला एक दशक मां न्यायपालिका बार-बार अइसे कृत्यों को सामान्य बना दिहिन अहै, जौन अदालत की अवमानना के समान अहै।
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ‘एक्स’ पर एक पोस्ट मां कहिन, “तौ का भवा? पिछिला दस सालन मां न्यायपालिका बार-बार अइसे हरकतों को सामान्य माना अहै, जौन अदालत की अवमानना के दायरे मां आवत अहै और बस आगे बढ़ गई अहै। अदालत मां बड़की-बड़की बात कहि जात अहै, पै जब फ़ैसला सुनावै का समय आवत अहै, तौ नतीजा अक्सर ओन्है बातन कै बिल्कुल उलट रहत अहै।”




